Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
धन

भोपाल के चाचा भतीजे– सुन्दर का भतीजा पवन था, जिसकी दुकान अच्छी चलती थी, जिससे दुःखी होकर उसने किराये के गुण्डों से भतीजे को मरवा डाला, और स्वयं जेल में सड़–सड़ कर मर गया।

The uncle and nephew of Bhopal: Sundar's nephew Pavan ran a thriving shop, which so distressed Sundar that he had the nephew murdered by hired thugs—and he himself rotted to death in jail.

— आराध्य सूत्र · #73

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लक्ष्मी हिंडोले की तरह चंचल है। विषयों से उत्पन्न हुआ सुख अंततः दुःखप्रद है। देह विपत्ति का घर है। अत्यधिक धन मृत्यु का प्रचुर साधन है। संसार अत्यधिक शोकपूर्ण है। स्त्रियाँ अनर्थ की जड़ हैं। फिर भी लोग इस घोर संसार में ही रत रहते हैं। आत्मा में रत नहीं होते यह आश्चर्य है।
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