Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
धन

मृत्यु शय्या पर पड़े पिता को देखकर बेटे सोचते हैं, कब इनके प्राण निकलें और हम सारी सम्पत्ति बटोर लें, और पिता सोचता है कि जब तक मैं जिन्दा हूँ तब तक कोई मेरी सम्पत्ति को छू नहीं सकता, दोनों तरफ लोभ है।

Seeing their father on his deathbed, the sons think, 'When will his life leave so we can gather up all the property?' and the father thinks, 'As long as I live no one can touch my property.' There is greed on both sides.

— आराध्य सूत्र · #67

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लक्ष्मी हिंडोले की तरह चंचल है। विषयों से उत्पन्न हुआ सुख अंततः दुःखप्रद है। देह विपत्ति का घर है। अत्यधिक धन मृत्यु का प्रचुर साधन है। संसार अत्यधिक शोकपूर्ण है। स्त्रियाँ अनर्थ की जड़ हैं। फिर भी लोग इस घोर संसार में ही रत रहते हैं। आत्मा में रत नहीं होते यह आश्चर्य है।
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