Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
धन

राजा नीड़ासन ने देवी से वरदान माँगा, कि मैं जिसको छू लूँ वह सोने का हो जाय, वह जिसे छूता था वह सोने का हो जाता था, यहाँ तक स्थिति हो गयी कि खाने की सामग्री भी सोने की हो गयी, तब वह घबराया कि क्या खाएँ, अन्त में उसे वरदान वापस देना पड़ा तब शान्ति हुई।

King Nidasan asked the goddess for a boon that whatever he touched turn to gold. Whatever he touched turned to gold—until even his food turned to gold. Then he panicked, wondering what to eat, and in the end had to return the boon; only then did he find peace.

— आराध्य सूत्र · #63

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लक्ष्मी हिंडोले की तरह चंचल है। विषयों से उत्पन्न हुआ सुख अंततः दुःखप्रद है। देह विपत्ति का घर है। अत्यधिक धन मृत्यु का प्रचुर साधन है। संसार अत्यधिक शोकपूर्ण है। स्त्रियाँ अनर्थ की जड़ हैं। फिर भी लोग इस घोर संसार में ही रत रहते हैं। आत्मा में रत नहीं होते यह आश्चर्य है।
धन