Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
धन

पैसों की कीमत गाय के सामने घास के बराबर भी नहीं है, पर मनुष्य पैसों के लिए लड़ता–मरता है क्योंकि उससे यश रूप तथा पाँच इन्द्रियों के विषय मिलते हैं।

To a cow, money is not worth even a blade of grass; yet man fights and dies for money, because through it he gains fame, beauty and the objects of the five senses.

— आराध्य सूत्र · #28

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लक्ष्मी हिंडोले की तरह चंचल है। विषयों से उत्पन्न हुआ सुख अंततः दुःखप्रद है। देह विपत्ति का घर है। अत्यधिक धन मृत्यु का प्रचुर साधन है। संसार अत्यधिक शोकपूर्ण है। स्त्रियाँ अनर्थ की जड़ हैं। फिर भी लोग इस घोर संसार में ही रत रहते हैं। आत्मा में रत नहीं होते यह आश्चर्य है।
धन