Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
धन

नीतिकारों के अनुसार राम स्वर्ण मृग के पीछे गये तो सीता हरण हो गया, उसी प्रकार हमारा आत्माराम भी लोभ लिप्साओं के स्वर्ण मृग के पीछे लगा है, अतः सुख शान्ति रूपी सीता खो गयी है।

As the moralists say, Ram chased the golden deer and lost Sita; likewise our inner soul chases the golden deer of greedy cravings, and so the Sita of peace and happiness has been lost.

— आराध्य सूत्र · #11

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लक्ष्मी हिंडोले की तरह चंचल है। विषयों से उत्पन्न हुआ सुख अंततः दुःखप्रद है। देह विपत्ति का घर है। अत्यधिक धन मृत्यु का प्रचुर साधन है। संसार अत्यधिक शोकपूर्ण है। स्त्रियाँ अनर्थ की जड़ हैं। फिर भी लोग इस घोर संसार में ही रत रहते हैं। आत्मा में रत नहीं होते यह आश्चर्य है।
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