Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विनम्रता

गुरुभक्तो भवाद् भीतो, विनीतो धार्मिकः सुधीः। शान्तः स्वान्तो ह्यतन्द्रालुः, शिष्टः शिष्योऽयमिष्यते।।

जो गुरू का भक्त हो, संसार से भयभीत हो, विनम्र हो, धार्मिक हो, अच्छी बुद्धि वाला हो, शान्त मन वाला हो, आलस्य रहित हो और सभ्य हो वह शिष्य माना जाता है।

One who is devoted to his guru, fearful of worldly existence, humble, religious, of good intellect, peaceful of mind, free of sloth, and well-mannered—such a one is regarded as a true disciple.

— आराध्य सूत्र · #53

इसी विषय के और सूत्र

सभी विनम्रता →
जीवन जीने का आनंद संघर्ष में नहीं समर्पण से मिलता हैं जैसे विभीषण ने संघर्ष नहीं समर्पण किया, तो राम ने उसको लंका का राजा बना दिया, रावण ने संघर्ष किया तो मिट्टी में मिला दिया।
विनम्रता