Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विनम्रता

भाव विशुद्ध हुये विना कैसा त्याग विराग। मान करो मत त्याग का, करो मान का त्याग।

Without purity of feeling, what worth is renunciation or detachment? Do not take pride in your renunciation—rather renounce your pride.

— आराध्य सूत्र · #36

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जीवन जीने का आनंद संघर्ष में नहीं समर्पण से मिलता हैं जैसे विभीषण ने संघर्ष नहीं समर्पण किया, तो राम ने उसको लंका का राजा बना दिया, रावण ने संघर्ष किया तो मिट्टी में मिला दिया।
विनम्रता