Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विनम्रता

अहङ्कार का अर्थ- योग्यता से अधिक प्रशंसा चाहना है। अभिमान का अर्थ- योग्यता के अभाव में प्रशंसा चाहना है। स्वाभिमान का अर्थ- जितनी योग्यता उतनी प्रशंसा चाहना है। निरभिमान का अर्थ- अपमान होने पर भी विकल्प नहीं करना है।

Arrogance means wanting more praise than one deserves. Conceit means wanting praise while lacking merit. Self-respect means wanting only as much praise as one's merit warrants. Egolessness means not being disturbed even when insulted.

— आराध्य सूत्र · #35

इसी विषय के और सूत्र

सभी विनम्रता →
जीवन जीने का आनंद संघर्ष में नहीं समर्पण से मिलता हैं जैसे विभीषण ने संघर्ष नहीं समर्पण किया, तो राम ने उसको लंका का राजा बना दिया, रावण ने संघर्ष किया तो मिट्टी में मिला दिया।
विनम्रता