Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विनम्रता

मार्दव भावना से युक्त शिष्य पर गुरुओं की कृपा रहती है, साधु भी उसे साधु मानते हैं, जिससे वह सम्यग्ज्ञान आदि का पात्र होता है, सम्यग्ज्ञान आदि का पात्र होने से स्वर्ग और मोक्ष रुपी फल की प्राप्ति होती है।

A disciple endowed with humility enjoys the grace of the gurus, and even saints regard him as a saint; thus he becomes worthy of right knowledge, and by being worthy of right knowledge he attains the fruits of heaven and liberation.

— आराध्य सूत्र · #9

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जीवन जीने का आनंद संघर्ष में नहीं समर्पण से मिलता हैं जैसे विभीषण ने संघर्ष नहीं समर्पण किया, तो राम ने उसको लंका का राजा बना दिया, रावण ने संघर्ष किया तो मिट्टी में मिला दिया।
विनम्रता