Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विनम्रता

भ्रष्ट हुये चार हजार मुनि पुनः मुनि बन गये पर अहङ्कारी मारीच पुनः मुनि नहीं बन सका।

The four thousand monks who had fallen became monks again, but the arrogant Marich could never become a monk again.

— आराध्य सूत्र · #21

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जीवन जीने का आनंद संघर्ष में नहीं समर्पण से मिलता हैं जैसे विभीषण ने संघर्ष नहीं समर्पण किया, तो राम ने उसको लंका का राजा बना दिया, रावण ने संघर्ष किया तो मिट्टी में मिला दिया।
विनम्रता