Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विनम्रता

आज्ञा भङ्गो नरेन्द्राणां, पूज्यानामवमानता। पृथक् शय्या च नारीणा,-मशस्त्रवध उच्यते।।

राजा की आज्ञा का भङ्ग करना, पूज्य पुरुषों का अपमान करना और स्त्रियों की पृथक् शैय्या करना विना शस्त्र का वध माना जाता है।

Disobeying a king's command, insulting the venerable, and setting apart a woman's bed — these are said to be slaughter without a weapon.

— आराध्य सूत्र · #3

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जीवन जीने का आनंद संघर्ष में नहीं समर्पण से मिलता हैं जैसे विभीषण ने संघर्ष नहीं समर्पण किया, तो राम ने उसको लंका का राजा बना दिया, रावण ने संघर्ष किया तो मिट्टी में मिला दिया।
विनम्रता