Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
दान

छ: प्रकार के लोग- आत्मम्भरी, कुटुम्बम्भरी, समाजम्भरी, प्रदेशम्भरी, राष्ट्रम्भरी, वसुधैवकुटुम्बकम्।

Six kinds of people: the self-serving, the family-serving, the society-serving, the region-serving, the nation-serving, and one for whom the whole world is family (vasudhaiva kutumbakam).

— आराध्य सूत्र · #11

इसी विषय के और सूत्र

सभी दान →
परोपकार में सर्वदा संलग्न रहने वाला सज्जन व्यक्ति विनाश के अवसर पर भी विनाश करने वाले से भी शत्रु भाव नहीं रखता है जैसे चन्दन का वृक्ष काटने वाले कुल्हाड़े का भी मुख सुगन्धित कर देता है।
दान