Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
दान

पाप में लीन पुरुष कापुरुष है, पाप से निवृत्त पुरुष पुण्यवान् पुरुष है, निज-पर के हित में संलग्न पुरुष सत्पुरुष है और जिसका परहित करना ही कार्य है वह महापुरुष है।

A man immersed in sin is a base man; a man free of sin is a virtuous man; a man engaged in the welfare of self and others is a good man; and one whose very work is the welfare of others is a great man.

— आराध्य सूत्र · #1

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परोपकार में सर्वदा संलग्न रहने वाला सज्जन व्यक्ति विनाश के अवसर पर भी विनाश करने वाले से भी शत्रु भाव नहीं रखता है जैसे चन्दन का वृक्ष काटने वाले कुल्हाड़े का भी मुख सुगन्धित कर देता है।
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