Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
धन

किसी भाग्यशाली मनुष्य की ही लक्ष्मी परोपकार के लिए, विद्या विवेक के लिए और सन्तान समाधि के लिए सहायक होती है।

Only for a fortunate person does wealth serve benevolence, learning serve discernment, and offspring serve a peaceful death.

— आराध्य सूत्र · #14

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लक्ष्मी हिंडोले की तरह चंचल है। विषयों से उत्पन्न हुआ सुख अंततः दुःखप्रद है। देह विपत्ति का घर है। अत्यधिक धन मृत्यु का प्रचुर साधन है। संसार अत्यधिक शोकपूर्ण है। स्त्रियाँ अनर्थ की जड़ हैं। फिर भी लोग इस घोर संसार में ही रत रहते हैं। आत्मा में रत नहीं होते यह आश्चर्य है।
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