Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विनम्रता

सज्जन पुरुष अपने गुण और दूसरों के दोष नहीं कहते हैं और किसी के कुछ माँगने पर मना नहीं करते हैं।

The good do not speak of their own virtues or others' faults, and do not refuse when someone asks for something.

— आराध्य सूत्र · #43

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जीवन जीने का आनंद संघर्ष में नहीं समर्पण से मिलता हैं जैसे विभीषण ने संघर्ष नहीं समर्पण किया, तो राम ने उसको लंका का राजा बना दिया, रावण ने संघर्ष किया तो मिट्टी में मिला दिया।
विनम्रता