Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
समय

पञ्चम काल में मनुष्य में बीस दोष- 1.कुण्ठित, 2.लोभी, 3.क्रोधी, 4.कृतघ्न, 5.पापिष्ट, 6.दुष्ट, 7.रूखे, 8.क्रूर, 9.जड़, 10.मूर्ख, 11.मर्यादा रहित, 12.अधार्मिक, 13.हिंसा, 14.चोरी, 15.असत्यवादी, 16.कातर, 17.परनिन्दक, 18.चुगलखोर, 19.मानी और 20.धूर्त।

Twenty faults in people of the fifth era: dull-witted, greedy, angry, ungrateful, sinful, wicked, harsh, cruel, inert, foolish, without decorum, irreligious, violent, thieving, untruthful, timid, slanderous, tale-bearing, egotistic, and cunning.

— आराध्य सूत्र · #11

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जीवन आज और अभी है, उसे कभी अतीत या भविष्य में न देखें, जिसने जीवन को अतीत या भविष्य में देखा उसने जीवन को जाना ही नहीं। हमेशा ध्यान रखें कि जो सामने है वही सच है। उसके बाद जो कुछ भी है वह सिर्फ संभावना है।
समय