Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विनम्रता

बड़ा वही है जो अपने को सबसे छोटा मानता है, शूट-बूट और ठाट-बाट में बड़प्पन नहीं होता, जिसकी आत्मा पवित्र है वह बड़ा है। सच्ची बड़ाई उसी की है जिसकी शत्रु भी सराहना करते है।

Great is he who considers himself the smallest; greatness lies not in suit, boots, and pomp — great is he whose soul is pure. True greatness belongs to one whom even enemies praise.

— आराध्य सूत्र · #96

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जीवन जीने का आनंद संघर्ष में नहीं समर्पण से मिलता हैं जैसे विभीषण ने संघर्ष नहीं समर्पण किया, तो राम ने उसको लंका का राजा बना दिया, रावण ने संघर्ष किया तो मिट्टी में मिला दिया।
विनम्रता