Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
दान

उदारता का पहला अधिकारी अपना भाई है बाद में पडोसी या पात्र दान है।

The first claimant of your generosity is your own brother, and afterwards the neighbour or a worthy recipient.

— आराध्य सूत्र · #65

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परोपकार में सर्वदा संलग्न रहने वाला सज्जन व्यक्ति विनाश के अवसर पर भी विनाश करने वाले से भी शत्रु भाव नहीं रखता है जैसे चन्दन का वृक्ष काटने वाले कुल्हाड़े का भी मुख सुगन्धित कर देता है।
दान