Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संयम

उद्योग, कलह, खुजली, जुआ, मद्यपान, परस्त्री, आहार, मैथुन और निद्रा, इनका जैसे-जैसे सेवन किया जाता है वैसे-वैसे ये बढ़ते जाते हैं।

Enterprise, quarrel, itching, gambling, drinking, another's wife, food, sex and sleep - the more these are indulged in, the more they grow.

— आराध्य सूत्र · #39

इसी विषय के और सूत्र

सभी संयम →
मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथी है और इन्द्रियाँ इसके घोड़े हैं। इसको वश में करके साधना करने वाला चतुर एवं धीर पुरुष काबू में किए हुए घोड़ों से सारथी की भाँति सुखपूर्वक यात्रा करता है।
संयम