Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विनम्रता

शिक्षाहीन साधु का बहुरूपिया के समान वेष धारण करना आत्म विडम्बना है और विनयहीन मनुष्य की शिक्षा भी दुर्जन की मित्रता के समान खोटा फल देने वाली है।

For an uneducated ascetic to wear a garb like an impersonator's is self-mockery, and the education of a humility-less person, like the friendship of a wicked man, yields bad fruit.

— आराध्य सूत्र · #21

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जीवन जीने का आनंद संघर्ष में नहीं समर्पण से मिलता हैं जैसे विभीषण ने संघर्ष नहीं समर्पण किया, तो राम ने उसको लंका का राजा बना दिया, रावण ने संघर्ष किया तो मिट्टी में मिला दिया।
विनम्रता