Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विनम्रता

व्यवहार और बातचीत में आत्मकेन्द्रित होने से बचिए- बातचीत में 'मुझे, मैं, मेरा' इत्यादि अहम् पूर्ण कथन नहीं होना चाहिए, जब असल में चेतन का विस्तार हो जाता है तो केवल अपने लिए कार्य करने और जीवित रहने का विचार बिल्कुल अर्थ हीन लगने लगता है।

Avoid being self-centred in conduct and conversation - talk should not be full of egoistic words like 'me, I, mine'. When consciousness truly expands, the thought of acting and living only for oneself begins to seem utterly meaningless.

— आराध्य सूत्र · #9

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जीवन जीने का आनंद संघर्ष में नहीं समर्पण से मिलता हैं जैसे विभीषण ने संघर्ष नहीं समर्पण किया, तो राम ने उसको लंका का राजा बना दिया, रावण ने संघर्ष किया तो मिट्टी में मिला दिया।
विनम्रता