Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विनम्रता

विद्वान् के आगे अपने गुण नहीं कहना चाहिए क्योंकि वह स्वयं जानता है, और मूर्ख के आगे भी अपने गुण नहीं कहना चाहिए, क्योंकि वह विद्वानों के द्वारा कहे हुए गुणों को समझता ही नहीं है।

One should not proclaim one's own merits before a scholar, for he already knows them, nor before a fool, for he cannot even understand the merits declared by the learned.

— आराध्य सूत्र · #10

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जीवन जीने का आनंद संघर्ष में नहीं समर्पण से मिलता हैं जैसे विभीषण ने संघर्ष नहीं समर्पण किया, तो राम ने उसको लंका का राजा बना दिया, रावण ने संघर्ष किया तो मिट्टी में मिला दिया।
विनम्रता