Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विनम्रता

निरन्तर वृद्धजनों (गुणवानों) की सेवा और अभिवादन करने वाले मनुष्य की आयु, विद्या, यश और बल ये चार वस्तुएँ वृद्धि को प्राप्त होती हैं।

In one who constantly serves and salutes elders (the virtuous), these four things increase: lifespan, learning, fame and strength.

— आराध्य सूत्र · #97

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जीवन जीने का आनंद संघर्ष में नहीं समर्पण से मिलता हैं जैसे विभीषण ने संघर्ष नहीं समर्पण किया, तो राम ने उसको लंका का राजा बना दिया, रावण ने संघर्ष किया तो मिट्टी में मिला दिया।
विनम्रता