Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विनम्रता

त्याग, विद्या तथा विवेक ये तीन गुण जिसके पास हैं, पर अहङ्कार नहीं है तो मेरा उसके लिए नमस्कार हो।

To one who possesses these three virtues — renunciation, learning and discernment — yet has no pride, my salutations.

— आराध्य सूत्र · #74

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जीवन जीने का आनंद संघर्ष में नहीं समर्पण से मिलता हैं जैसे विभीषण ने संघर्ष नहीं समर्पण किया, तो राम ने उसको लंका का राजा बना दिया, रावण ने संघर्ष किया तो मिट्टी में मिला दिया।
विनम्रता