Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
धन

नीरोगता, विद्वत्ता, सज्जनों के साथ मित्रता, महान् कुल में जन्म और स्वाधीनता ये धन के विना भी मनुष्यों का ऐश्वर्य कहलाता है।

Freedom from disease, learning, friendship with the good, birth in a noble family, and independence — these, even without wealth, are called the true riches of a person.

— आराध्य सूत्र · #61

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लक्ष्मी हिंडोले की तरह चंचल है। विषयों से उत्पन्न हुआ सुख अंततः दुःखप्रद है। देह विपत्ति का घर है। अत्यधिक धन मृत्यु का प्रचुर साधन है। संसार अत्यधिक शोकपूर्ण है। स्त्रियाँ अनर्थ की जड़ हैं। फिर भी लोग इस घोर संसार में ही रत रहते हैं। आत्मा में रत नहीं होते यह आश्चर्य है।
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