Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संयम

जेल में, पिजड़े में तथा नरक में पराधीन होकर जो वेदना सही है, उसके सामने मुनि अवस्था के कष्ट कुछ भी नहीं हैं।

Compared with the suffering endured in helpless subjection in prison, in a cage, or in hell, the hardships of the ascetic life are nothing at all.

— आराध्य सूत्र · #43

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मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथी है और इन्द्रियाँ इसके घोड़े हैं। इसको वश में करके साधना करने वाला चतुर एवं धीर पुरुष काबू में किए हुए घोड़ों से सारथी की भाँति सुखपूर्वक यात्रा करता है।
संयम