Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संयम

सम्पत्तौ नियमः शक्तौ, सहनं यौवने व्रतं। दारिद्रये दानमप्यल्पं, महालाभाय जायते।।

सम्पत्ति होने पर नियम पालना, शक्ति होने पर भी क्षमा करना, युवावस्था में व्रत लेना और दरिद्र होने पर भी थोड़ा दान करना भी महालाभ के लिए होता है।

Keeping restraint when wealthy, forgiving even when powerful, taking vows in youth, and giving even a little charity when poor — these bring great benefit.

— आराध्य सूत्र · कण्ठाभरण श्लोक · #13

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मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथी है और इन्द्रियाँ इसके घोड़े हैं। इसको वश में करके साधना करने वाला चतुर एवं धीर पुरुष काबू में किए हुए घोड़ों से सारथी की भाँति सुखपूर्वक यात्रा करता है।
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