Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
समय

दिवसेनैव तत्कुर्याद्येन रात्रौ सुखं वसेत्, अष्टमासेन तत्कुर्याद्येन वर्षाः सुखं वसेत्। पूर्वे वयसि तत्कुर्याद्येन वृद्धः सुखं वसेत्, यावज्जीवेन तत्कुर्याद्येन प्रेत्य सुखं वसेत्।।

दिन में ऐसा काम करना चाहिए जिससे रात्री में चैन की नींद आए, आठ महीने ऐसा काम करना चाहिए जिससे वर्षाऋतु में एक जगह रहकर धर्मध्यान कर सकें, पूर्व अवस्था में ऐसा काम करना चाहिए जिससे वृद्धावस्था में धर्मध्यान कर सकें और 'पूरे जीवन ऐसा काम करना चाहिए जिससे भविष्य सुखी हो जाए।'

Do by day such work that you may sleep peacefully at night; work through the eight months such that in the rainy season you may stay in one place and practise dharma-meditation; work in youth such that in old age you may practise dharma-meditation; and work throughout life such that your future (next birth) becomes happy.

— आराध्य सूत्र · कण्ठाभरण श्लोक · #8

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जीवन आज और अभी है, उसे कभी अतीत या भविष्य में न देखें, जिसने जीवन को अतीत या भविष्य में देखा उसने जीवन को जाना ही नहीं। हमेशा ध्यान रखें कि जो सामने है वही सच है। उसके बाद जो कुछ भी है वह सिर्फ संभावना है।
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