Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विनम्रता

विनय के अभाव में सर्व शिक्षा निरर्थक है, शिक्षा का फल विनय है, विनय किस अभीष्ट फल को नहीं देती है? विनय का फल सर्व कल्याण है, श्रुतकेवली अवस्था पढ़ने से नहीं तपश्चरण से आती है।

Without humility all education is pointless; the fruit of education is humility. Which desired fruit does humility not grant? Its fruit is total welfare. The state of a Shrutakevali comes not from mere reading but from austerity.

— आराध्य सूत्र · #115

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जीवन जीने का आनंद संघर्ष में नहीं समर्पण से मिलता हैं जैसे विभीषण ने संघर्ष नहीं समर्पण किया, तो राम ने उसको लंका का राजा बना दिया, रावण ने संघर्ष किया तो मिट्टी में मिला दिया।
विनम्रता