दान दरिद्रों में दरिद्र वह है जो अतिथि सत्कार न करें। The poorest of the poor is one who does not honour a guest. — आराध्य सूत्र · #6532 0 – भेजें 🖼️ इमेज सेव करें · Save image card
दूसरों के लिए रत्तीभर काम करने से भीतर की शक्ति जाग उठती है। दूसरों के लिए रत्तीभर सोचने से धीरे-धीरे हृदय में सिंह का बल आ जाता है। दान 0 – भेजें
परोपकार में सर्वदा संलग्न रहने वाला सज्जन व्यक्ति विनाश के अवसर पर भी विनाश करने वाले से भी शत्रु भाव नहीं रखता है जैसे चन्दन का वृक्ष काटने वाले कुल्हाड़े का भी मुख सुगन्धित कर देता है। दान 0 – भेजें
सुख और आनन्द ऐसे इत्र हैं, इन्हें जितना अधिक दूसरों पर छिड़केंगे उतनी ही सुगन्ध आपके भीतर समाएगी। दान 0 – भेजें