Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
दान

जिसके कर-कमल में दानरूपी अमृत है, मुख कमल में वचन रूपी अमृत है और हृदयकमल में दया रूपी अमृत है वह मनुष्य सभी को प्रिय होता है।

He who holds the nectar of charity in his lotus hands, the nectar of speech in his lotus mouth, and the nectar of compassion in his lotus heart is dear to all.

— आराध्य सूत्र · #6237

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परोपकार में सर्वदा संलग्न रहने वाला सज्जन व्यक्ति विनाश के अवसर पर भी विनाश करने वाले से भी शत्रु भाव नहीं रखता है जैसे चन्दन का वृक्ष काटने वाले कुल्हाड़े का भी मुख सुगन्धित कर देता है।
दान