Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संयम

साधु जीवन में जितना पुरुषार्थ अपरिचित रहकर साधना में नहीं करना पड़ता, उतना परिचित को छोड़ने में करना पड़ता है।

In monastic life, one need not exert as much effort in practice while remaining unacquainted as one must exert to give up the acquainted.

— आराध्य सूत्र · #6201

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मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथी है और इन्द्रियाँ इसके घोड़े हैं। इसको वश में करके साधना करने वाला चतुर एवं धीर पुरुष काबू में किए हुए घोड़ों से सारथी की भाँति सुखपूर्वक यात्रा करता है।
संयम