Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संयम

धैर्य धारण करना, क्षमा धारण करना, ध्यान करने में सदा तत्पर रहना और परीषह आने पर मार्ग से च्युत नहीं होना ये व्रतों की भावनाएँ हैं।

Holding patience, holding forgiveness, being ever ready to meditate, and not straying from the path when hardships come - these are the contemplations of the vows.

— आराध्य सूत्र · #6137

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मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथी है और इन्द्रियाँ इसके घोड़े हैं। इसको वश में करके साधना करने वाला चतुर एवं धीर पुरुष काबू में किए हुए घोड़ों से सारथी की भाँति सुखपूर्वक यात्रा करता है।
संयम