Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विनम्रता

अपनी प्रशंसा सुनकर जो वास्तविकता को भूल जाते हैं, वे महामूर्ख हैं। अपनी निन्दा सुनकर मनुष्य अपने आपको सम्भालता है और प्रशंसा सुनकर स्वयं को खो देता है। प्रशंसा सुनकर प्रसन्न होना एक बड़ा अवगुण है।

Those who forget reality on hearing their own praise are great fools. Hearing censure of himself, a person steadies himself, but hearing praise he loses himself. To be pleased on hearing praise is a great fault.

— आराध्य सूत्र · #5972

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जीवन जीने का आनंद संघर्ष में नहीं समर्पण से मिलता हैं जैसे विभीषण ने संघर्ष नहीं समर्पण किया, तो राम ने उसको लंका का राजा बना दिया, रावण ने संघर्ष किया तो मिट्टी में मिला दिया।
विनम्रता