Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विनम्रता

जो विनम्र है और नित्य ही ज्ञान, तप आदि से वृद्धों की सेवा करता है। उसके चार चीजों की वृद्धि होती है आयु, विद्या, यश और बल।

One who is humble and daily serves elders through knowledge, austerity and the like—four things increase in him: lifespan, learning, fame, and strength.

— आराध्य सूत्र · #5400

इसी विषय के और सूत्र

सभी विनम्रता →
जीवन जीने का आनंद संघर्ष में नहीं समर्पण से मिलता हैं जैसे विभीषण ने संघर्ष नहीं समर्पण किया, तो राम ने उसको लंका का राजा बना दिया, रावण ने संघर्ष किया तो मिट्टी में मिला दिया।
विनम्रता