Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
धन

पैसा ही सबकुछ नहीं अन्यथा तीर्थंकर क्यों त्याग करते, वे जानते थे कि पैसे से भोजन खरीद सकते है भूख नहीं, पुस्तक खरीद सकते ज्ञान नहीं, सुविधाएँ खरीद सकते हैं सुख नहीं, मंदिर बना सकते भगवत्ता नहीं खरीद सकते हैं।

Money is not everything, otherwise why would the Tirthankars have renounced it? They knew that with money one can buy food but not appetite, buy books but not knowledge, buy comforts but not happiness, build a temple but not purchase godliness.

— आराध्य सूत्र · #5005

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लक्ष्मी हिंडोले की तरह चंचल है। विषयों से उत्पन्न हुआ सुख अंततः दुःखप्रद है। देह विपत्ति का घर है। अत्यधिक धन मृत्यु का प्रचुर साधन है। संसार अत्यधिक शोकपूर्ण है। स्त्रियाँ अनर्थ की जड़ हैं। फिर भी लोग इस घोर संसार में ही रत रहते हैं। आत्मा में रत नहीं होते यह आश्चर्य है।
धन