Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संयम

युद्ध जीतने से ही नहीं इन्द्रियों को जीतने से सच्चा शूरवीर होता है। वाक्पटुता से ही नहीं जो हितकर वचन बोले वही सच्चा वक्ता है और केवल धन का दान करने से ही नहीं जो दूसरों का मान सम्मान करे वही सच्चा दाता है।

One becomes a true warrior not by winning wars but by conquering the senses; a true orator is not the glib but he who speaks beneficial words; and a true giver is not merely he who gives money but he who honours others.

— आराध्य सूत्र · #4772

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मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथी है और इन्द्रियाँ इसके घोड़े हैं। इसको वश में करके साधना करने वाला चतुर एवं धीर पुरुष काबू में किए हुए घोड़ों से सारथी की भाँति सुखपूर्वक यात्रा करता है।
संयम