Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
दान

दीन दु:खी एवं पीड़ित बंधुओं की सेवा करने में जो गौरव युक्त आनंद मिलता है, वह सभ्य समाज की दावतों में नहीं प्राप्त होता है।

The dignified joy found in serving the poor, the sorrowful, and suffering kin is not to be had at the banquets of polite society.

— आराध्य सूत्र · #4452

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परोपकार में सर्वदा संलग्न रहने वाला सज्जन व्यक्ति विनाश के अवसर पर भी विनाश करने वाले से भी शत्रु भाव नहीं रखता है जैसे चन्दन का वृक्ष काटने वाले कुल्हाड़े का भी मुख सुगन्धित कर देता है।
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