Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
दान

कदाचित् भाग्य की प्रतिकूलता से माता भी विकार को प्राप्त हो जावे परन्तु अच्छी तरह की गई वृद्ध सेवा किसी भी देश व किसी भी काल में विकार को प्राप्त नहीं होती है।

By an adverse turn of fate even a mother may grow corrupted, but service rendered well to elders is never spoiled in any land or any age.

— आराध्य सूत्र · #4410

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परोपकार में सर्वदा संलग्न रहने वाला सज्जन व्यक्ति विनाश के अवसर पर भी विनाश करने वाले से भी शत्रु भाव नहीं रखता है जैसे चन्दन का वृक्ष काटने वाले कुल्हाड़े का भी मुख सुगन्धित कर देता है।
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