Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
धन

भगवन् मुझे सम्पत्ति के साथ सद्बुद्धि भी देना जिससे मैं कुँए के पानी की भाँति उसका सदुपयोग कर सकूँ।

O Lord, grant me good sense along with wealth, so that I may use it well like the water of a well.

— आराध्य सूत्र · #4402

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लक्ष्मी हिंडोले की तरह चंचल है। विषयों से उत्पन्न हुआ सुख अंततः दुःखप्रद है। देह विपत्ति का घर है। अत्यधिक धन मृत्यु का प्रचुर साधन है। संसार अत्यधिक शोकपूर्ण है। स्त्रियाँ अनर्थ की जड़ हैं। फिर भी लोग इस घोर संसार में ही रत रहते हैं। आत्मा में रत नहीं होते यह आश्चर्य है।
धन