Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
दान

जैसे माँ का दूध उसके अपने लिए न होकर बच्चे के लिए ही है, ऐसे ही मनुष्य के पास जो भी सामग्री है, वह उसके अपने लिए न होकर दूसरों के लिए ही है।

Just as a mother's milk is not for herself but for her child, so whatever means a person has are not for himself but for others.

— आराध्य सूत्र · #4380

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परोपकार में सर्वदा संलग्न रहने वाला सज्जन व्यक्ति विनाश के अवसर पर भी विनाश करने वाले से भी शत्रु भाव नहीं रखता है जैसे चन्दन का वृक्ष काटने वाले कुल्हाड़े का भी मुख सुगन्धित कर देता है।
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