Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
दान

अगर पुण्योदय से आपको सम्पत्ति मिले तो स्वयं की सेवा के लिए भले ही नौकर रख लेना किन्तु माँ, महात्मा और परमात्मा की सेवा के लिए नौकर न रखें। प्रभु की प्रार्थना और माँ–बाप की सेवा स्वयं करना चाहिए।

If, through good fortune, you gain wealth, you may keep servants for your own needs, but do not keep servants for serving your mother, the saints, and God. Prayer to the Lord and service to one's parents should be done by oneself.

— आराध्य सूत्र · #4377

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परोपकार में सर्वदा संलग्न रहने वाला सज्जन व्यक्ति विनाश के अवसर पर भी विनाश करने वाले से भी शत्रु भाव नहीं रखता है जैसे चन्दन का वृक्ष काटने वाले कुल्हाड़े का भी मुख सुगन्धित कर देता है।
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