Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
दान

सेवा तो मूक होनी चाहिए, जिसने अपनी सेवा का ढिंढोरा पीटा वह मानो अपने–आपको समाप्त कर चुका है।

Service should be silent; whoever trumpets his own service has, in effect, already undone himself.

— आराध्य सूत्र · #4369

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परोपकार में सर्वदा संलग्न रहने वाला सज्जन व्यक्ति विनाश के अवसर पर भी विनाश करने वाले से भी शत्रु भाव नहीं रखता है जैसे चन्दन का वृक्ष काटने वाले कुल्हाड़े का भी मुख सुगन्धित कर देता है।
दान