Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विनम्रता

जो नित्य गुरुजनों को प्रणाम करता है और वृद्ध पुरुषों की सेवा में लगा रहता है, उसकी कीर्ति, आयु, यश और बल चारों बढ़ते हैं।

He who daily bows to his elders and remains engaged in serving the aged sees all four increase—his fame, his lifespan, his renown, and his strength.

— आराध्य सूत्र · #4292

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जीवन जीने का आनंद संघर्ष में नहीं समर्पण से मिलता हैं जैसे विभीषण ने संघर्ष नहीं समर्पण किया, तो राम ने उसको लंका का राजा बना दिया, रावण ने संघर्ष किया तो मिट्टी में मिला दिया।
विनम्रता