Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
दान

अपने सुख के लिए उद्योग करना दु:ख को निमन्त्रण देना है और दूसरों के सुख के लिए उद्योग करना आनन्द को निमन्त्रण देना है।

To labour for your own pleasure is to invite sorrow, and to labour for others' happiness is to invite joy.

— आराध्य सूत्र · #4290

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परोपकार में सर्वदा संलग्न रहने वाला सज्जन व्यक्ति विनाश के अवसर पर भी विनाश करने वाले से भी शत्रु भाव नहीं रखता है जैसे चन्दन का वृक्ष काटने वाले कुल्हाड़े का भी मुख सुगन्धित कर देता है।
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