Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
दान

जब हम नेकी करके उसका एहसान जताने लगते हैं, तो वहीं जिसके साथ हमने नेकी की थी वह हमारा शत्रु हो जाता है और अगर वही नेकी करने वालों के दिल में रहे तो नेकी है, बाहर निकल आए तो बदी है।

When we do a good turn and then flaunt the favour, the very person we helped becomes our enemy; a good deed kept within the doer's heart is virtue, but once it comes out it becomes a fault.

— आराध्य सूत्र · #4282

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परोपकार में सर्वदा संलग्न रहने वाला सज्जन व्यक्ति विनाश के अवसर पर भी विनाश करने वाले से भी शत्रु भाव नहीं रखता है जैसे चन्दन का वृक्ष काटने वाले कुल्हाड़े का भी मुख सुगन्धित कर देता है।
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