Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संयम

अपने विचार के विपरीत दूसरों की परिणति देखकर संक्लेश मत करो तुम्हारी परिणति ही तुम्हारे अधीन है।

Do not be distressed on seeing others' dispositions run contrary to your views; only your own disposition is within your control.

— आराध्य सूत्र · #3950

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मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथी है और इन्द्रियाँ इसके घोड़े हैं। इसको वश में करके साधना करने वाला चतुर एवं धीर पुरुष काबू में किए हुए घोड़ों से सारथी की भाँति सुखपूर्वक यात्रा करता है।
संयम