Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
धन

सत्यानाशनी दरिद्रता इस जन्म के सुखों की तो शत्रु है ही, पर साथ ही साथ दूसरे जन्म के सुखोपभोग की भी घातक है।

Ruinous poverty is an enemy of this life's pleasures, and along with it a destroyer of the enjoyments of the next life too.

— आराध्य सूत्र · #3573

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लक्ष्मी हिंडोले की तरह चंचल है। विषयों से उत्पन्न हुआ सुख अंततः दुःखप्रद है। देह विपत्ति का घर है। अत्यधिक धन मृत्यु का प्रचुर साधन है। संसार अत्यधिक शोकपूर्ण है। स्त्रियाँ अनर्थ की जड़ हैं। फिर भी लोग इस घोर संसार में ही रत रहते हैं। आत्मा में रत नहीं होते यह आश्चर्य है।
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