Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विनम्रता

लक्ष्य भ्रष्ट जीवन केवल दयनीय ही नहीं होता, वह समाज के लिए हानिकारक भी होता है। जो मन को नहीं मार सकता है, जिसे झुकना और छोटा बनना नहीं आता है, जिसे दूसरों की सुविधा और दूसरों को निभाने की दृष्टि से झुकना और राह छोड़ना नहीं आता है वह जिन्दगी में कभी कुछ नहीं कमा पाता है उसे जिन्दगी में संतोष भी नहीं मिलता है।

A life fallen from its goal is not merely pitiable, it is harmful to society. One who cannot subdue the mind, who cannot bow or become small, who cannot yield or give way for the convenience of others, earns nothing in life and finds no contentment either.

— आराध्य सूत्र · #3408

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जीवन जीने का आनंद संघर्ष में नहीं समर्पण से मिलता हैं जैसे विभीषण ने संघर्ष नहीं समर्पण किया, तो राम ने उसको लंका का राजा बना दिया, रावण ने संघर्ष किया तो मिट्टी में मिला दिया।
विनम्रता