Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
समृद्धि

निरोगी रहना, ऋणी न होना, परदेश में न रहना, अच्छे लोगों के साथ मेल होना, अपनी वृत्ति से जीविका चलाना और निर्भय होकर रहना; ये छह मनुष्य लोक के सुख हैं।

To be free of disease, free of debt, not living in a foreign land, keeping good company, earning a living by one's own vocation, and living without fear—these are the six joys of human life.

— आराध्य सूत्र · #3243

इसी विषय के और सूत्र

सभी समृद्धि →
सूर्योदय के पहले सभी को सोकर उठ जाना चाहिए यदि पति न भी उठ पाये तो पत्नि को तो उठ ही जाना चाहिए क्योंकि यदि गृहलक्ष्मी सूर्योदय के बाद तक सोती रहती है तो उसके यहाँ की धनलक्ष्मी भाग जाती है।
समृद्धि